घुमारवीं की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशी को दो बार विधानसभा में भेजा, लेकिन वह लोगों की उम्मीदों पर नही उतरे खरे:-राजेन्द्र गर्ग भाजपा प्रत्यासी घुमारवीं विधानसभा।


घुमारवीं से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र गर्ग ने क्षेत्र के विकास को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशी को दो बार विधानसभा में भेजा, लेकिन वह लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। क्षेत्र का विकास करवाने के बजाए वह केवल निजी स्वार्थों की पूर्ति तक ही सीमित रहे। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने दो साल कोरोना की भेंट चढ़ जाने के बावजूद क्षेत्र के चहंुमुखी विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 
यही वजह है कि जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों का भाजपा को भरपूर समर्थन मिल रहा है। इससे कांग्रेस नेता बुरी तरह से बौखला गए हैं। बौखलाहट में वे अनाप-शनाप बयानबाजी से लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
शनिवार को राजेंद्र गर्ग ने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत तड़ौन से की। कुड़साय, जोल, बेहड़ा, दोमेहड़ा, डोमेहर, लैहड़ी, लौहट, बड़साय, घोड़ी दा बल्ह, भपराल व भपराल रीड़ी होते हुए दिन की उनकी अंतिम चुनावी सभा सुमाड़ी में संपन्न हुई। खुद बाॅटनी में गोल्ड मेडलिस्ट रहे राजेंद्र गर्ग ने कहा कि वह शिक्षा के महत्व को बखूबी समझते हैं। लिहाजा शिक्षा के क्षेत्र में घुमारवीं को बुलंदियों पर पहंुचाने का उन्होंने ईमानदारी से यथासंभव प्रयास किया है। घुमारवीं में डिग्री काॅलेज 27 साल पहले खुला था। अब घंडालवीं में भी काॅलेज खोला गया है। कांग्रेस प्रत्याशी पहले इसे चुनावी शिगूफा कहते रहे। काॅलेज का उद्घाटन होने के बाद भी वह इसमें कई तरह के मीन-मेख निकालते रहे, लेकिन कक्षाएं शुरू होने तथा पूरा स्टाफ आ जाने के बाद उनकी जुबान पर एक तरह से ताला लग गया है। घुमारवीं में काॅलेज खुलने से दर्जनों पंचायतों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बिलासपुर, घुमारवीं या सरकाघाट की दौड़ लगाने से निजात मिली है।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि मौजूदा समय सूचना प्रौद्योगिकी का है। इसे ध्यान में रखते हुए घुमारवीं काॅलेज में ई-लाइब्रेरी स्थापित की गई है। इससे बच्चे इंटरनेट की मदद से अपने सिलेबस समेत हर तरह की जानकारी हासिल कर सकते हैं। घुमारवीं काॅलेज में 5 विषयों में पीजी कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। आम लोगों की सुविधा के मद्देनजर घुमारवीं में पहली बार पब्लिक लाइब्रेरी भी खोली गई है। संस्कृत काॅलेज डंगार को सरकार के अधीन लाया गया है, ताकि बच्चों में अपने भविष्य को लेकर किसी तरह की चिंता न रहे।
 बच्चों को घर के पास पढ़ाई की सुविधा मुहैया करवाने के लिए जहां 8 स्कूल अपग्रेड किए गए, वहीं 4 स्कूलों में साइंस और 5 स्कूलों में काॅमर्स की कक्षाएं शुरू की गई। इससे बच्चों को अपनी पसंद के विषय में पढ़ाई करने का विकल्प मिला है। वह क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं और जनता का उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है।

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